मन तो तेरा ही भजन करे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन विष्णु भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मन तो तेरा ही भजन करे हीरे गुरुदेव सांवरिया मेरे

गुरुदेव सांवरिया मेरे घनश्याम सांवरिया मेरे,

एक बाग मैंने ऐसा देखा नहीं फूल नहीं पत्ते

मैने तोड़ अमर फल खाए रे गुरुदेव सांवरिया मेरे

एक ताल मैंने ऐसा देखा ना कुआ ना पानी

मैंने मलमल काया धोई रे गुरुदेव सांवरिया मेरे

एक महल मैंने ऐसा देखा नहीं राजा नहीं रानी

नंदलाल खेलते देखे रे गुरुदेव सांवरिया मेरे

एक रसोई मैंने ऐसी देखी नहीं दाल नहीं आटा

मैंने 36 भोग लगाए रे गुरुदेव सांवरिया मेरे

एक भवन में ऐसा देखा नहीं डोलक नहीं चिमटा

मैंने भजन कीर्तन गाए रे गुरुदेव सांवरिया मेरे ।।

गुरुदेव सांवरिया मेरे घनश्याम सांवरिया मेरे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।