तेरी चौखट पे आ बैठा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरी चौखट पे आ बैठा,

मैया बिगड़ी बना देना,

जमाने ने है ठुकराया कर्म मुझपे कमा देना,

बहारे रूठी है मुझसे फिजा ने आके घेरा है,

तू जाने दूर है मुझसे अँधेरा ही अधेरा है,

मेरी वीरान रातो को जरा रोशन बना देना,

तेरी चौखट पे आ बैठा

छुपा सूरज उमीदो का अँधेरे गम के छाए है,

तेरे अरमान मेरे सपने ये अश्को में समाये है

गई मुस्कान होठो की,मुझे फिर से हसा देना ,

तेरी चौखट पे आ बैठा

मेरी राहो में दुनिया ने बड़े कांटे बिछाए है,

सितम उस पे है ये केवल बने है अपने पराये है,

भवर में आ गई कश्ती किनारे पे लगा देना,

तेरी चौखट पे आ बैठा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।