निन्द्रा बेच दू कोई ले तो

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

निन्द्रा बेच दू कोई ले तो, रामो राम रटे तो तेरो मायाजाल कटेगी

भाव राख सतसंग में जावो, चित में राखो चेतो।

हाथ जोड़ चरणा में लिपटो, जे कोई संत मिले तो

पाई की मण पाँच बेच दू, जे कोई ग्राहक हो तो।

पाँचा में से चार छोड़ दू, दाम रोकड़ी दे तो

बैठ सभा में मिथ्या बोले, निन्द्रा करै पराई।

वो घर हमने तुम्हें बताया, जावो बिना बुलाई॥

के तो जावो राजद्वारे, के रसिया रस भोगी।

म्हारो पीछो छोड़ बावरी, म्हे हाँ रमता जोगी॥

ऊँचा मंदिर देख जायो, जहाँ मणि चवँर दुलाबे।

म्हारे संग क्या लेगी बावरी, पत्थर से दुख पावे॥

कहे भरतरी सुण हे निन्द्रा, यहाँ न तेरा बासा।

म्हें तो रहता गुरु भरोसे, राम मिलण की आशा॥6॥

Manoj Sharma shree bala ji 8290504628

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।