जय मां जय मां बोल रे तुम्हें मैया मिलेंगी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जय मां जय मां बोल रे तुम्हें मैया मिलेंगी,

शैलपुत्री मिलेंगी ब्रह्मचारिणी मिलेंगी,

दिल के फाटक खोल रे चंद्र घटा मिलेंगी.

कुष्मांडा मिलेंगी स्कंदमाता मिलेंगी,

मन की आंखें खोल रे कात्यायनी मिलेंगी,

काल रात्री मिलेंगी महागौरी मिलेंगी,

हृदय के पट खोल रे सिद्धिदात्री मिलेंगी

मनसा मैया मिलेंगी चंडी मैया मिलेंगी,

दिल के फाटक खोल रहे महामाया मिलेंगी,

वैष्णो मैया मिलेगी शारदा मैया मिलेंगी,

दिल के फाटक खोल रहे विंध्यवासिनी मिलेंगी

नैना देवी मिलेगी ज्वाला देवी मिलेगी,

दिल के फाटक खोल रे चिंतपूर्णी मिलेंगी,

काली मिलेंगी तुम्हें दुर्गा मिलेंगी,

दिल के फाटक खोल रे तुम्हें सीतला मिलेगीं

मुंबा देवी मिलेगीं महालक्ष्मी मिलेंगी,

दिल के फाटक खोल अन्नपूर्णा मिलेंगी

सीता मिलेगी तुम्हें राधा मिलेंगी,

दिल के फाटक खोल रे तुम्हें गौरा मिलेंगी

शेरावाली मिलेंगी लाटा वाली मिलेगी,

दिल के फाटक खोल दे जोता वाली मिलेगी

गंगा मिलेंगी तुम्हें जमुना मिलेगी,

दिल के फाटक खोल रे तुम्हें सरयू मिलेंगी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।