कीर्तन में ताली बजाने पड़ेगी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

कीर्तन में ताली बजाने पड़ेगी चरणों में हाजिरी लगानी पड़ेगी

हाथ उठा के बजाओ ताली मैया भर दे झोली खाली

हाथों की लेख लिखा नी पड़ेगी,

चरणों में हाजिरी लगानी पड़ेगी

जो भी हाथ उठाए ऊपर उसकी किस्मत बन जाए ,

सुपर किस्मत को सुपर बनानी पड़ेगी.

चरणों में हाजिरी लगानी पड़ेगी

सच्चे मन से बैठो कीर्तन हमारे मन का मैल रखो,

ना मन में हमारे संग महिमा तो गाने पड़ेगी,

चरणों में हाजिरी तो लगानी पड़ेगी

झूम झूम सखिया गावे भजन रे उन पर मैया हुए,

मगन रे कलम दवात उठानी पड़ेगी,

चरणों में हाजिरी लगानी पड़ेगी

कीर्तन में ताली बजाने पड़ेगी चरणों में हाजिरी लगानी पड़ेगी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।