ए हुस्न की सरकार तुम्हें देखता रहूँ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जी चाहे बार बार तुम्हें देखता रहूँ

ए हुस्न की सरकार तुम्हें देखता रहूँ

आंखों के रास्ते तुम्हें दिल में उतार लूँ

आंखों के रास्ते तुम्हें दिल में उतार लूँ

हर पल ओ बाँके यार ,तुम्हें देखता रहूँ।

जी चाहे बार बार ------------------------------

युग युग से प्यासी रूह को दीदार हो तेरा

युग युग से प्यासी रूह को दीदार हो तेरा

अब ना हो इंतजार, तुम्हें देखता रहूँ।

जी चाहे बार बार ---------–--------------------

दिल की लगी है दास कोई दिल्लगी नहीं

दिल की लगी है दास कोई दिल्लगी नहीं

तुझ पर दूं जान वार, तुम्हें देखता रहूँ।

जी चाहे बार बार --------------------------------

जी चाहे बार बार तुम्हें देखता रहूँ

ए हुस्न की सरकार तुम्हें देखता रहूँ।।

भजन गायक

(मनीष अनेजा जी)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।