पावे दुःख दे पावे सुख दे | राधास्वामी ब्यास भजन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन गुरुदेव भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भावें दुःख दे,भावें सुख दे,

मैनु दोवेई गल्ला तेरिया चंगिया ।

भावें चंगिया,भावें मंदिया,

सतगुर तेरिया रंगा दे विच रंगिया ॥

तेरे नाम दी ला लयी मेंहदी,

दुनिया पागल मैनु कैंदी ।

भावें दुःख दे,भावें सुख दे,

मैनु दोवें ही गल्ला तेरिया चंगिया ॥

तेरे नाम दा पा लिया चोला,

मुक गया जनम मरण दा रोला ।

भावें दुःख दे,भावें सुख दे,

मैनु दोवें ही गल्ला तेरिया चंगिया ॥

तेरे नाम दा रंग अनोखा,

पर सब दुनिया तो ओखा ।

भावें दुःख दे,भावें सुख दे,

मैनु दोवें ही गल्ला तेरिया चंगिया ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।