स्वर्ग है उतरा धरती पर

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

स्वर्ग है उतरा धरती पर इक बार देख लो,

त्रिपुर मालनी मैया का दरबार देख लो,

शक्ति पीठ देवी तालाब का जग में बड़ा ही नाम है,

सती का सत ऋंगी राजा तिरिपुर मालिनी माँ धाम है

धन्य जालंधर की भूमि माँ तिरपुर माँ का इस पर उपकार देख लो,

झण्ड़ेयावली मैया का दरबार देखलो

दो स्वर्गो में कौन सा प्यारा करते देव विचार है,

माँ के द्वार की तीन लोक में होती जय जय कार है,

देव पूरी लगे देवो को बेकार देख लो,

त्रिपुर मालनी मैया का दरबार देख लो,

लाख ही सूंदर स्वर्ग होगा इसका कोई जवाब नहीं ,

खुले खजाने दया धर्म के होता को हिसाब नहीं,

छोटे बड़े का होता सत्कार देखलो

झण्ड़ेयावली मैया का दरबार देखलो

देव लोक को लगा के ताले द्वार देवता आये है,

राज प्रेम सेवादारों में अपने नाम लिखाये है,

सेवा को तरसे सारा संसार देखलो,

त्रिपुर मालनी मैया का दरबार देख लो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।