धरती पे शिरडी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन साईं भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

धरती पे शिरडी जैसे अयोध्या जैसे है वृन्दावन अवध पति है साई,

गोकुल के मनमोहन साई राम साई श्याम साई राम साई श्याम

राम भजन जब मन में होता वन के राम आते,

कृष्ण भजन जब मन में होता बन के श्याम आते हो,

भक्ति करो मन शक्ति मिलेगी,

मन से करो रे पूजन अवध पति श्री राम है साई,

गोकुल के मनमोहन साई राम साई श्याम साई राम साई श्याम

साई का दर्शन साई का कीर्तन जब मनवा है करता,

तो श्रद्धा की गंगा भगति की यमुना का सनगम तब ही होता,

जप जप साई जय जय साई,

मनवा करो रे भजन अवध पति श्री राम है साई,

गोकुल के मनमोहन साई राम साई श्याम साई राम साई श्याम

जय जगदीश्वर जय परमेश्वर मन करता जयकारा,

श्री चरणों का ध्यान करू तो हो कल्याण हमारा,

जप मन सतगुरु साई सतगुरु ,साई करेंगे पावन अवध पति श्री राम है साई,

गोकुल के मनमोहन साई राम साई श्याम साई राम साई श्याम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।