भेरुजी नाना नाना थारे बाजे गुगरा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

भेरू जी के चौक में नीमडी की छाया

छोरो माग्यो छोरी दीदी भेरुजी की माया

भेरुजी नाना नाना थारे बाजे घुघरा

भेरुजी नाना नाना थारे बाजे घुघरा

थारे बाजे बाजे झालर की झंकार

नखरालो खेले घुघरा

मतवालों खेले घुघरा

भेरूजी दूध तो पियो नी दारू छोड़ दो

थे तो छोड़ो छोडा कलाली को हेत

नखरालो खेले घुघरा

मतवालों खेले घुघरा

भेरुजी उबी रे कुमारण देवे ओलबा

म्हार कलशया माई ने कीनो नुकसान

नखरालो खेले घुघरा

मतवालों खेले घुघरा

भेरुजी उबी रे गुजर की देवे ओलबा

म्हारा जावणिया मे कीनो नुकसान

नखरालो खेले घुघरा

मतवालों खेले घुघरा

भेरुजी उबी रे मालन की देवे ओलबा

म्हार बाढचा माई ने कीनो नुकसान

नखरालो खेले घुघरा

मतवालों खेले घुघरा

भेरुजी नाना नाना थारे बाजे गुगरा

भेरुजी नाना नाना थारे बाजे गुगरा

थारे बाजे रे बाजे झालर की झंकार

नखरालो खेले घुघरा

मतवालों खेले घुघरा

स्वर अर्जुन चन्द्रवंशी

गाँव पाड़लिया लाल मुहां

जिला मन्दसौर ( mp )

WhatsApp 9516708485

9691329728

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।