होली खेले रे सावरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

होली खेले रे सांवरियां होली खेले रे,

खेले सब भगतन के साथ सांवरियां होली खेले रे,

खाटू में फिर धूम मची है कैसी अजब बहार,

लगे है मेले भगतो के श्याम लुटा रहे है प्यार,

खेले सब भगतन के साथ सांवरियां होली खेले रे,

रंगो में सब रंग उड़ाते गाये वेग मलाल,

श्याम सांवरियां रास रचाये भक्त रहे है निहार,

खेले सब भगतन के साथ सांवरियां होली खेले रे,

रंग लगा के आज बीघा दो सांवरियां सरकार,

तेरी प्रीत का रंग न छूटे ऐसा भर दो प्यार,

खेले सब भगतन के साथ सांवरियां होली खेले रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।