दर्शन से तेरे गणराज मेरा मन चंचल हो जाए

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गिरजा के ललन गणराज तेरा एक बंदन हो जाए

दर्शन से तेरे गणराज मेरा मन चंचल हो जाए

बेदो ने महिमा गाई मा गौर मन हरसाई

माँ गौर मन हरसाई बेदो ने महिमा गा ई

सब देबो के सरताज तेरा एक बंदन हो जाये

देबा मात पिता संग आना मेरे बिगड़े काज बनाना

मेरे बिगड़े काज बनाना देबा मा त पिता संग आना

देबा एक दन्त महाराज तेरा अभिनन्दन हो जाए

देबा रिद्धि सिद्व संग आना मोदक का भोग लगाना

मोदक का भोग लगाना देबा रिद्धि सिद्धि संग आना

देबा मुश्क के असबर तेरा एक बंदन हो जाए

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।