ओ मेरे सांवरिया सांवरिया सांवरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ मेरे सांवरीया, सांवरीया , सांवरीया

तु लिले चढकर आ - तेरी मोरछडी लहरा

तेरी मोरछडी घुमाके - विपता टल जायेगी

तेरे द्वारे पे - तेरे चरणो मे - दुनिया सर झुकायेगी

तेरे द्वारे पे सारी - दुनिया आयेगी ,

तेरी चोगट पे बाबा - शिश झुकायेगी,

बाबा तेरी मोरछडी - बडी जादूगारी हैं,

जिस पे लहराई - उसकी किस्मत सवारी हैं,

खाटू वाले - लिले वाले ,

बाबा थारे धाम की - दुनिया दिवानी हैं ,

तेरे के नाम की - सारे भक्तो पे मस्तीया छाई हैं,

हारे का सहारा बाबा - साथ निभाता हैं ,

तेरे भरोसे पे - चलता गुजारा हैं,

खाटू नगरी का बाबा - तु लखदातार हैं,

सारे भक्तो का बाबा - करता उद्गार हैं,

खाटू वाले - लिले वाले-,

नैया मेरी मझदार मे - पार नही होगी,

पुरा भरोसा है बाबा मुझे - हार नही होगी ,

ओ मेरे ***** सांवरीया

कान्हा पे मेहर तेरी हो जायेगी ,

तेरी किर्पा से झोली भर जायेगी ,

भेट तुझे क्या दु मे पास नही कुछ मेरे ,

बस तुझे देख बाबा ये कहते आंसू मेरे ,

खाटू वाले लिले वाले,

तेरी चरणो मे दुनिया झुक जायेगी,

तेरी महरबानी से तेरे भक्तो मे खुसिया छायेगी ,

सिंगर.... योगेश चतुर्वेदी नवरत्न पारीक

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लिरिक्स - k.l. Dadhich

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" jai shree Shyam "

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।