हे भादवा माँ धणीयाणी रुडो देवरो मा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हे भादवा मां धणीयाणी रूडो देव रो माँ

आफी भादवा माँ के चला माता ने मनवा

मारी जी दुखड़ा मेट ती सा

मया हरीया बागा में मोटो देवरो सा

थारा मीठा मोर बोले कोयलड़ी राग सुनावे

मारी माता दुखड़ा मेट ती शा

मां सिंगरी सवारी थाने सोवणी जी

संग 52 भेरु आवे चौसठ जोगणी आवे

मारी माता दुखड़ा मेट ती सा

मैया दुखिया भक्ता रा हेला सावणो जी

मैं चरणों माई आया चरणों में गुण जस गाया मारी माता दुखड़ा मेट ती सा

स्वर.अर्जुन चन्द्रवंशी

Mo . 9516708485

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।