बता मेरे यार सुदामा रै भाई घणे दिना में आया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बता मेरे यार सुदामा रै, भाई घणे दिना में आया

बालक था रे जब आया करता, रोज खेल के जाया करता

हुई कै तकरार सुदामा रै, भाई घणे दिना में आया

मन्ने सुना दे कुटुंब कहानी, क्यों कर पड़ गयी ठोकर खानी

टोटे की मार सुदामा रै, भाई घणे दिना में आया

सब बच्चो का हाल सुना दे, मिसरानी की बात बता दे

रे क्यों गया हार सुदामा रै, भाई घणे दिना में आया

चाहिए था रे तन्ने पहल में आना, इतना दुःख नहीं पड़ता ठाणा

क्यों भुल्ला प्यार सुदामा रै, भाई घणे दिना में आया

इब भी आगया ठीक वक़्त पे, आज बैठ जा म्रेरे तखत पै

जिगरी यार सुदामा रै, भाई घणे दिना में आया

आजा भगत छाती पे लालू, इब बता तन्ने कन्ने बिठा लूँ

करूँ साहूकार सुदामा रै, भाई घणे दिना में आया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।