भाई रे तीन लोक के नाथ बैठ लिए अर्जुन के रथ पर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भाई रे तीन लोक के नाथ बैठ लिए अर्जुन के रथ पर

अर्जुन के रथ पर बैठ लिए अर्जुन के रथ पर ,

छप्पन भोग धरे हैं आगे

दुर्योधन तू क्यों घबरावे

भाई रे ना खाने को टाइम

बैठ लिए अर्जुन के रथ पर ,

कौरव पांडव हुई लड़ाई

दुर्योधन की मती बोराई

भाई रे लीला दिखाई घनश्याम

बैठ लिए अर्जुन के रथ पर,

रथ पर बैठे कृष्ण कन्हाई

अर्जुन को कुछ समझ ना आई

भाई रे गीता सुनाई घनश्याम

बैठ लिए अर्जुन के रथ पर .

चाचा ताऊ कुटुंब कबीला

मतलब कि यह सारी लीला

अर्जुन उठाओ तीर कमान

बैठ लिए अर्जुन के रथ पर ,

लीलाधारी लीला दिखामे

भीष्म को कुछ समझ ना आवे

भाई रे मैं हूं सेवादार

बैठ लिए अर्जुन के रथ पर ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।