दर्शन दो आज दर्शन देदो देदो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दर्शन दो आज दर्शन देदो देदो

अंखिया भीगे मेरे नाथ

दिन बीते बीती रातें हुई अपनी नहीं मुलाकातें

याद आएं वो तड़पायें मन हर दम तेरे गन गायें

आ जाओ श्याम अब तो आओ आओ

सर पर आज रख दो हाथ

मन नादान है अनजान है तेरी मुरली पे ये क़ुर्बान है

तुम्हे चाहें तुम्हे पाएं इस मन का यही अरमान है

लेलो रे शरण अपनी ले ले लेलो खो जाऊं तेरे साथ

मैं हूँ तेरा तू है मेरा मैंने डाला तेरे दर पे डेरा

मुझे आस है विश्वास है मिट जाएगा मन का अँधेरा

रखा है आज मैंने अपना तेरे श्री चरणों में अपना मान

दर्शन दो आज दर्शन देदो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।