जाने लगा हूँ जबसे खाटू मैं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खुशियों में दिन ओर रात काटू में-,

जाने लगा हु जब से खाटू में

फागुन में लाखों भगत ये आते है,

बाबा की जय जयकार लगते है,

बाबा के दर के चक्कर काटू में - जाने लगा हूँ...

मोर छड़ी का झाड़ा लगता है ,

भगतो की विपदा दूर हटाता है ,

बाबा से दुखड़ा अपना बाटू में - जाने लगा हूँ...

भगतो को तेरा भजन सुनता हूँ

तेरे भजनों में ही खो जाता हूँ,

अपने इस दिल कैसे डाटू में - जाने लगा हूँ...

भजन गायक :- शुभम रिठालिया

लिरिक्स :- शुभम

मो.न:- 8750104889

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।