मेरी पहचान मेरा खाटूवाला श्याम है

सौरभ मधुकर
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ढुँढू मैं तुझको क्यूँ भला सांवरा,जर्रे जर्रे में तू बसा ,

पल-पल का साथी तू मेरा सांवरा , मेरी ख़ुशी तू बन गया ,

जानू ना कब हुआ,क्यूँ हुआ,कैसे हो गया,

कह दूं जग से जरा,मैं तेरा,बस तेरा मैं हुआ...

मेरी साँसों की माला जपती जो नाम है,

मेरी पहचान मेरा खाटूवाला श्याम है |

हारा मैं हारा,तू है हारे का सहारा,

मतलब की दुनिया में श्याम हमारा,

जब भी दिल रोया मेरा,तुझको पुकारा ,

लीले पे चढ़कर आया तू खाटूवाला,

हांथो को थाम के साथ मेरे तू तो चल पड़ा ,

मेरे एहसास मेरे पास में तू रहता है खड़ा ,

तेरे चरणों में सारे तीरथ और धाम है |

मेरी पहचान मेरा खाटूवाला श्याम है |

मेरी साँसों की माला जपती जो नाम है,

मेरी पहचान मेरा खाटूवाला श्याम है |

खायी है हमने बाबा दर-दर की ठोकर,

किस्मत चमक गयी तेरे चरणों को छूकर ,

सारा जीवन रहेंगे हम तेरे होकर,

तेरे खाटू के बाबा बनकर के नौकर ,

सौरभ-मधुकर कभी ,दर कभी छोडूंगा नहीं ,

वादा ये है मेरा,सांवरा,तोडूंगा नहीं ....

तेरे रहते इस जग से मुझको क्या काम है ,

मेरी पहचान मेरा खाटूवाला श्याम है |

मेरी साँसों की माला जपती जो नाम है,

मेरी पहचान मेरा खाटूवाला श्याम है |

ढुँढू मैं तुझको क्यूँ भला सांवरा,जर्रे जर्रे में तू बसा ,

पल-पल का साथी तू मेरा सांवरा , मेरी ख़ुशी तू बन गया ,

जानू ना कब हुआ,क्यूँ हुआ,कैसे हो गया,

कह दूं जग से जरा,मैं तेरा,बस तेरा मैं हुआ...

मेरी साँसों की माला जपती जो नाम है,

मेरी पहचान मेरा खाटूवाला श्याम है |

भजन गायक - सौरभ मधुकर

भजन रचयिता एवं संगीत रचना, निदेशक - मधुकर मिश्र

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।