रंगीला फागण आयो रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रे भगतो झूमो नाचो गाओ जरा मस्ती में तुम आ जाओ,

रहे न अब कोई भी होश दिखा दो भगति वाला जोश,

बड़ा प्यारा है ये त्यौहार साल में आता है इक बार

खाटू का ये अध्भुत मेला लेकर के मासूम अलबेला,

रंगीला फागण आयो रे

बना रहा है मेरा संवारा बिगड़ी आज बना लेना,

फागण के रंगो से अपना घर परिवार सजा लेना,

भगत अब हो जाओ त्यौहार श्याम जो पाना है जो प्यार,

खाटू का ये अध्भुत मेला लेकर के मासूम अलबेला,

रंगीला फागण आयो रे

सब की झोली भरता है कोई बोले या न भोले,

सेठ संवारा देता है ये बिना गिने बिन तोले,

चला देता है ये व्यपार संभाले सब का ये परिवार,

खाटू का ये अध्भुत मेला लेकर के मासूम अलबेला,

रंगीला फागण आयो रे

सब का रखे हिसाब संवारा सब की रखे खबरियां,

दया नन्द के भावो में भी वसा रहे सांवरियां

सुनो दिल की हे लखदातार तरुण को दर्शन दो इक बार,

खाटू का ये अध्भुत मेला लेकर के मासूम अलबेला,

रंगीला फागण आयो रे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।