चलती है और चलती रहेगी खाटू की सरकार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खुला रेहगा युगो युगो तक ये इनका दरबार,

चलती है और चलती रहेगी खाटू की सरकार

क्या नेता क्या अभिनेता निर्धन क्या धन वाले,

जो भी आता इस के दर पे सब को श्याम समबाले

सब को इक बराबर मिलता श्याम धनि का प्यार

चलती है और चलती रहेगी खाटू की सरकार

ये वो अदालत जिस के फैंसले गलत कभी न होते,

हस्ते हस्ते जाते याहा से जो आते है रोते,

जो मांगो मिलता है याहा पे होती न इंकार,

चलती है और चलती रहेगी खाटू की सरकार

पावन माटी खाटू की है गलियों में तुम धूमो

तेरहा पैड़ी चढ़ के चौखठ श्याम धनि की चूमो,

इसकी मोर छड़ी के आगे टूटी हर तलवार,

चलती है और चलती रहेगी खाटू की सरकार

दीं दुखी का है वो सहारा बैठा खोला खजाने,

कलयुग का राजा है कोई माने या न माने,

कहता है सारी दुनिया में नरसी ये ललकार

चलती है और चलती रहेगी खाटू की सरकार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।