हम गोरियावाली जीण माँ के लाडले है

सौरभ मधुकर
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ भंवरावाली के हम आँचल में पले हैं - २

हम गोरियावाली जीण माँ के लाडले है - २

{ मिला बिछौना पलकों का झूला तेरी बाहों में ,

हम तेरी आँखों के तारें,रहते तेरी नज़रों में } - २

थाम के ऊँगली माँ , तेरे हम संग चले हैं ,

हम गोरियावाली जीण माँ के लाडले है |

{ जब भी कोई संकट आया ,जब भी मुसीबत आयी ,

हम भगतों के सर पे मईया तेरी चूनड़ लहराई } - २

हमे चिंता कैसी , तेरी चुनड़ी के तले हैं ,

हम गोरियावाली जीण माँ के लाडले है |

{ स्वर्ग मुझे क्या करना मईया ,मोक्ष मुझे क्या करना,

''सौरभ मधुकर'' जन्मों तक चाहूँ चरणों में रहना } - २

हम है लाल तेरे , तेरे ही रंग में ढले है ,

हम गोरियावाली जीण माँ के लाडले है |

माँ भंवरावली के हम आँचल में पले हैं - २

हम गोरियावाली जीण माँ के लाडले है - २

भजन गायक - सौरभ मधुकर

भजन रचयिता - मधुकर मिश्र

संपर्क - 9831258090

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।