होली खेलन खाटू जायेगे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अब के फागुन में होली खेलन खाटू जायेगे,

चाहे कुछ भी हो जाए सँवारे हम न रुक पायंगे ,

अब के फागुन में होली खेलन खाटू जायेगे,

दिल में बेकरारी मन उड़ता उड़ता जाए,

करवट पे करवट बदलू न चैन गद्दी इक आये,

इक पल की अब देरी हम सेह ना पाएंगे,

अब के फागुन में होली खेलन खाटू जायेगे,

अब क्यों ऐसा लगता है के जैसा कोई बुलाये,

अंतर् मन है व्याकुल सा हिचकी पे हिचकी आये,

बाबा ने याद किया हम न रुक पाएंगे,

अब के फागुन में होली खेलन खाटू जायेगे,

जिसको पूछे वो कहता हम तो श्याम दीवाने,

बस झूमे हा झूमे है मस्ती में हो मस्ताने,

जो कदम उठे है योगी वो न रुक पाएंगे,

अब के फागुन में होली खेलन खाटू जायेगे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।