जबसे तुम्हे पाया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जबसे तुम्हे पाया तुम्हे दिल में बसाया

हर ग़म को भुलाया है

कैसा ये जादू चलाया है दीवाना मुझे बनाया है

हर धड़कन में नाम है बस तेरा

मैं हूँ तेरा श्याम तू है मेरा

कैसे कह दू तू बेवफा है

हर मुश्किल में थामा हाथ है मेरा

तेरा साथ जो पाया दूर हुआ बुरा साया

जबसे अपना बनाया है तुम्हे अपना बनाया है

कैसा ये जादू चलाया है दीवाना मुझे बनाया है

भोली भाली प्यारी सूरत तेरी

नींद चुराके ले गयी बाबा मेरी

जबसे देखा चाँद सा सोना मुखड़ा

बदल गई है किस्मत बाबा मेरी

अब चाहा यही है ना चाहा कोई है

तेरा प्यार जो पाया है

कैसा ये जादू चलाया है दीवाना मुझे बनाया है

कल तक थे जो दूर हैं पास वो आये

अपना कहकर मुझको गले लगाएं

अजब है लीला सांवरिया ये तेरी

कैसे कैसे हालात प्रभु दिखलाये

जो बनते थे पराये मुझे अपनापन दिखाएँ

इस काबिल बनाया है

तुम्हे अपना बनाया है

कैसा ये जादू चलाया है दीवाना मुझे बनाया है

जब तक है ये सां तू साथ निभाना

छोड़ मुझे अब दूर कहीं ना जाना

अर्णव माधव जिए तेरे ही दम से

पाठक दिल से करे तेरा शुक्राना

सूर्यवंशी ये गाये सोनू दिल से रिझाये

सब तेरी ही माया है

तुम्हे अपना बनाया है

कैसा ये जादू चलाया है दीवाना मुझे बनाया है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।