कान्हा कान्हा बोले भक्तों का जिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तूने ओ कन्हैया कैसा जादू किया

कान्हा कान्हा बोले भक्तों का जिया

बांसुरी बजा के ये क्या किया... ओ कन्हैया

ओ मेरे भगवन तुम बिन जीवन जैसे बिन प्राणो के हो तन

तेरी माया में तेरी छाया में करता रहूं मैं तेरा सुमिरन

तू ही मेरी बाटी तू ही दिया ओ कन्हैया

राधा ने नचाया मीरा ने बुलाया कर्मा का भोग है खाया

प्रेम के वश में रुका ना कन्हैया झट से तू दौड़ा चला आया

अपना बना के सब दे दिया ओ कन्हैया

दास बना के चरणों से लगा के तूने मुझे जीना सिखाया

तेरे ही नज़ारे देखू में तो सारे तू ही मुझे जग में भाया

अनिल कहें भक्तों पे कर दे दया ओ कन्हैया

तूने ओ कन्हैया कैसा जादू किया ...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।