अंगना में आना मोरे दिल में समाना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम सांवरिया श्याम सांवरिया,

श्याम सांवरिया मोरे अंगना में आना,

अंगना में आना मोरे दिल में समाना,

खाटू के राजा तोहरी राह पुहारु गई,

चढ़ के अटारियाँ पे राह निहारूगी,

वनवारी पुकारे श्यामा दर्श दिखाना,

अंगना में आना मोरे दिल में समाना,

चौंकी बिठा के तोहे पंखा जलाऊ गी,

श्याम धनि तोपे बलि बलि जाउंगी,

आना जरूर श्यामा मुझे न बुलाना ,

अंगना में आना मोरे दिल में समाना,

लागे न नजर तोहे टिका लगाउ गी,

चरणों को छूके मैं तो जीवन बनाउंगी

श्याम मंजीत का नाता सदियों पुराना ,

अंगना में आना मोरे दिल में समाना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।