गोकुल की हर गली में मथुरा की हर गली में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गोकुल की हर गली में, मथुरा की हर गली में

कान्हा को ढूंढता हूँ, दुनियाँ की हर गली में

गोकुल गया तो सोचा, माखन चुराता होगा

या फिर कदम के निचे, बंशी बजाता होगा

गुजरी की हर गली में, ग्वालन की हर गली में

कान्हा को ढूंढता हूँ दुनियाँ की हर गली में

शायद किसी नारि का, चीर बढा।ता होगा

या फिर विष के प्याले को, अमृत बनाता होगा

मीरां की हर गली में, भक्तों की हर गली में

कान्हा को ढूंढता हूँ दुनियाँ की हर गली में

गोकुल की हर गली में, मथुरा की हर गली में

कान्हा को ढूंढता हूँ दुनियाँ की हर गली में

Uploaded by : दिनेश स्वामी

कालेज के पिछे , सुजानगढ, चुरु, राजस्थान , ३३१५०७

मोबाइल : +919413724675

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।