फागुन की ग्यारस जब आ जाती है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

फागुन की ग्यारस जब आ जाती है तो सँवारे की याद सताती,

खाटू की गाडी जब छूट जाती है तो बेचैनी बढ़ जाती है,

फागुन में बाबा का लगता है मेला

श्याम प्रेमियों का आता है रेला,

होती है मेहरबानियाँ भर्ती है सब की झोलियाँ,

फागुन की ग्यारस जब आ जाती है तो सँवारे की याद सताती है,

खाटू की गलियों में उड़ती गुलाल है,

सँवारे के सेवक करते कमाल है,

लगती है लाखो अर्जियां होती है सुनवाइयां,

खाटू की गाडी जब छूट जाती है वेचैनी बढ़ जाती है,

लम्भी कतारों में दीखते निशान है,

पुरे याहा पर होते सब के अरमान है,

जय कोशिशक जो भी लिख रहा लिखवाता बाबा श्याम है,

फागुन की ग्यारस जब आ जाती है तो सँवारे की याद सताती है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।