भगवान तुम्हें मैं खत लिखत

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भगवान तुम्हें मैं खत लिखती

पर पता मुझे मालूम नहीं

दुःख भी लिखती सुख भी लिखती

पर पता मुझे मालूम नहीं

भगवान तुम्हें मैं खत लिखती

पर पता मुझे मालूम नहीं

सूरज से पूछा चंदा से पूछा

पूछा टिम टिम तारो से

इन सबने कहा अम्बर में है

पर पता मुझे मालूम नहीं

फूलो से पूछा कलियों से पूछा

पूछा बाग़ के माली से

इन सबने कहा हर डाल पे है

पर पता मुझे मालूम नहीं

नदियों से पूछा लहरों से पूछा

पूछा झर झर झरनो ने कहा

सागर में है पर पता मुझे मालूम नहीं

भगवान तुम्हें मैं खत लिखती

पर पता मुझे मालूम नहीं

साधु से पूछा संतो से पूछा

पूछा दुनिया के लोगो से

इन् सबने कहा ह्रदय में है

पर पता मुझे मालूम नहीं

भगवान तुम्हें मैं खत लिखती

पर पता मुझे मालूम नहीं

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।