मोरछड़ी लहरार्इ रे रसिया ओ सांवरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मोरछड़ी लहरार्इ रे, रसिया ओ सांवरा

तेरी बहुत बड़ी सकलार्इ रे। ओ सांवरा

मोरछड़ी का जादू निराला,

इसको थामे है खाटू वाला ।

नीले चढ़के दौड़ा ये आए,

सारे संकट पल में मिटाए ।

रसिया ओ सांवरा, तेरी बहुत बड़ी सकलार्इ रे

मोरछड़ी …

श्याम बहादुर दर्शन को आए,

ताले मंदिर के बंद पाए ।

मोरछड़ी से तालों को खोला

शीश झुका कर बाबा से बोला ।

रसिया ओ सांवरा, तेरी बहुत बड़ी सकलार्इ रे

मोरछड़ी …

मोरछड़ी की महिमा है भारी

श्याम धणी को लागे ये प्यारी

हर्ष कहे रोतों को हंसाए

हाथों में जब तेरे लहराए

रसिया ओ सांवरा, तेरी बहुत बड़ी सकलार्इ रे

मोरछड़ी …

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।