तेरे नाम बिना साडा न गुजारा दातिए

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

होर जग ते न कोई भी सहारा दातिए,

तेरे नाम बिना साडा न गुजरा दातिए,

नाम तेरा गा के सारे दुखा दी दवाई है,

नाम वाली ज्योति इस दिल च जगाई है,

लगे शहद तो मीठा प्यारा प्यारा दातिए,

तेरे नाम बिना साडा न गुजारा दातिए,

नाम तेरा भगत ध्यानु ने ध्याया सी

कट शीश चरना च अपना चढ़ाया सी,

शीश जोडिया तू ध्यानु दा दोबरा दातिए,

तेरे नाम बिना साडा न गुजारा दातिए,

जाग तेरे नाम दी माँ लगी तारा रानी नु,

सुण्डा है जग दोना भेना दी कहानी नु ,

नाम जपदा रुक्मण तारा दातिए,

तेरे नाम बिना साडा न गुजारा दातिए,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।