तेरा नाम इक साँचा दूजा नहीं है कोई

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तेरा नाम इक साँचा दूजा नहीं है कोई,

तू है जो साथ मेरे परवाह नहीं है कोई,

तेरा नाम इक साँचा दूजा नहीं है कोई,

अब तू ही होंसला है,इक तू ही है भरोसा,

तुझे पा लिया जो मैंने और चाह नहीं है कोई,

तेरा नाम इक साँचा दूजा नहीं है कोई,

तू ही मंदिरो में मस्जिदों में भी तू ही है,

सब का तू ही सहारा चाहे राह भी हो कोई,

तेरा नाम इक साँचा दूजा नहीं है कोई,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।