खेले राधे संग कन्हियाँ आज बिरज में होली रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खेले राधे संग कन्हियाँ आज बिरज में होली रे,

सब मिल नाचे ता ता थइया,

आज ब्रिज में होली रे,

खेले राधे संग कन्हियाँ आज बिरज में होली रे,

श्याम सलोना मस्त मगन हो रंग गुलाल उड़ावे है,

हर गोपी हर ग्वाले को दोहड़ा के रंग लगावे है,

धूम मचावे रास रचिया आज ब्रिज में होली रे,

गुजिया बर्फी बालूशाही रसगुले मंगावो जी,

खूब मिठाई बांटे सब ने मिल के भगवा गाओ जी,

नन्द बाबा संग झूमे मैया आज ब्रिज में होली रे,

फागण लगते ही भगतो की हो जाती बल्ले बल्ले,

श्याम भजन सब मिल कर गाते भजनो की मस्ती चल रे,

मोहित कर दी श्याम मुरलियाँ, आज ब्रिज में होली रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।