चौधरण खाटू मैं चाली

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रे झुमका पहर बरेली वाला , रे कलकत्ते की नथनी चाला

काड के घूघट राजेस्थानी , गले में पहनी मोहन माला

घाघरा पहन आगरे वाला , कान में सोने की बाली

सारे जगत ते प्रीत हटाके , श्याम धणी ते लगन लगाके

चोधरण खाटू ने चाली

चोधरण खाटू ने चाली

चाली घर से श्याम धणी का बोल्या इक जयकारा

छोड़ दिया घर बार मैंने श्याम भरोसा थारा

मन में उमंग भरी है भारी , निखर गई चेहरे की लाली

सारे जग ते प्रीत हटाके , श्याम धणी ते लगन लगा के

चोधरण खाटू ने चाली

रींगस जाके उतर रेल ते ध्वजा हाथ में उठाई

पैदल चाली भक्ता के संग , मन ही मन हरषाई

जा बाबा के ध्वजा चढ़ाई , बजाई मंदिर में टाली

सारे जग ते प्रीत हटाके , श्याम धणी ते लगन लगा के

चोधरण खाटू ने चाली

मन भर आया दर्शन पाके , खूब चोधरण रोई

देख हरीश छवि श्याम की सुध बुध अपनी खोई

कहे भूलन बाबा दुख हरे देवे भक्ता ने खुशहाली

सारे जग ते प्रीत हटाके , श्याम धणी ते लगन लगा के

चोधरण खाटू ने चाली

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।