तो समजो के फागुन तब आने वाला है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

लगे जब मिश्री सी कड़वी भी हर बात,

करे दिल नाचन का जब तेरा दिन रात ,

सपनो में आये जब खाटू वाला है,

तो समजो के फागुन तब आने वाला है,

खेत सरसो के लेहलाते है फूल मुराजाये भी मुस्काते है,

तान सुनाई देती मुरली की पंक्षी जब वन में चेह चहाते है,

केसरियां दिखलाई दे जब ये जग सारा है,

तो समजो के फागुन तब आने वाला है,

मस्तियाँ हद से जयदा बढ़ जाए,

नींद रातो की जब उड़ जाए ,

छोड़ के काम सारी दुनिया के चाव खाटू जाने का चढ़ जाए,

श्याम प्रेम में झूमे जब से दिल मतवाला है,

तो समजो के फागुन तब आने वाला है,

श्याम का जादू सिर पे चढ़ जाए दिल ये दीवाना सोनू हो जाए,

यहाँ भी जाती है नजर अपनी श्याम की सूरत ही नजर आये ,

श्याम नाम जप्ती जब ये सांसो की माला है,

तो समजो के फागुन तब आने वाला है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।