खाटू का फागण त्यौहार जिसने देखा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू का फागण त्यौहार जिसने देखा पहली बार

श्याम धनी का वो दरबार जिसने देखा पहली बार

श्याम दीवाना हो गया वो श्याम दीवाना हो गया

रींगस से खाटू नगरी तक श्याम ध्वजा लहराए

जगह जगह से भक्त अनोखे दर्शन खातर आये

खाटू का वो तोरण दवा जिसने पार किया एक बार

श्याम दीवाना हो गया वो श्याम दीवाना हो गया

खाटू मंदिर के बहार वो प्रेमियों की टोली

चंग बजाये रंग उड़ाए और मचाये होली

दर्शन की वो लम्बी कतार जिसने देखी पहली बार

श्याम दीवाना हो गया वो श्याम दीवाना हो गया

मकराने की कोठी अंदर मुखड़ा सोना सोना

धरती से अम्बर तक न कोई ऐसा रूप सलोना

बागा संग नौ लक्खा हार जिनसे देखा वो श्रृंगार

श्याम दीवाना हो गया वो श्याम दीवाना हो गया

खाटू जैसा धाम बताओ किसने और कहाँ देखा

शिवम् ये जन्नत का नज़ारा ना देखा तो क्या देखा

नम्रता से श्याम का द्वार जिसने कर लिया है स्वीकार

श्याम दीवाना हो गया वो श्याम दीवाना हो गया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।