मेरे खाटू की गलियाँ तंग हो गई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे खाटू की गलियाँ तंग हो गई,

सारी दुनिया सांवरिया के संग हो गई,

यहाँ देखो वहा देखो केसरिया रंग हो गई ,

मेरे खाटू की गलियाँ तंग हो गई

नये नये भगतो पे बाबा मेहरबान है,

पुरे करता सभी के जो भी अरमान है,

कही मस्ती कही बस्ती कही सरंग हो गई,

मेरे खाटू की गलियाँ तंग हो गई

लम्बी लम्बी कतारे लगी तोरण द्वार से,

मेरा बाबा निरख रहा बड़े प्यार से ,

कही उपर कही निचे कही सुरंग हो गई,

मेरे खाटू की गलियाँ तंग हो गई

सागर जैसे हिलोरे लेते भक्त वन्वारे,

पप्पू शर्मा के भजनों पे झूमे गाव रे,

कही गंगा कही यमुना एसी तिरंग हो गई,

मेरे खाटू की गलियाँ तंग हो गई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।