ओ कान्हा आ जाओ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज __ अगर तुम मिल जाओ जमाना छोड देंगे हम

ओ कान्हा आ जाओ , दरश तेरा करेंगे हम

ओ कान्हा आ जाओ ,दरश तेरा करेंगे हम

दरश पाकर तेरा कान्हा , सफल जीवन करेंगे हम

ओ कान्हा आ जाओ दरश तेरा करेंगे हम

बिना तेरे मेरे कान्हा ,कि अब हम जी न पायेंगे

लगन तुमसे लगा बैठे ,कहो कैसे भूलायेंगे

लगन तेरी न हो दिल में ओ

लगन तेरी न हो दिल में , तो जीना छोड देंगे हम

ओ कान्हा आ जाओ दरश तेरा करेंगे हम

तुम्हे हम अपने मन मंदिर में ,कुछ ऐसे बसा लेंगे

प्रेम तुमसे ही करते हैं ये ,दुनिया को बता देंगे

कान्हा मेरे कान्हा ओ ---------------

कान्हा मेरे कान्हा ,तुझे न भूल सकेंगे हम

ओ कान्हा आ जाओ दरश तेरा करेंगे हम

तुम्हीं हो श्रष्टि के पालक ,तुम्हीं बंशी बजैया हो

नन्द बाबा के प्यारे हो ,मां यशोदा के छैया हो

कहें नेम चन्द भईया _ ओ ---------------

कहें नेम चन्द भईया ,तेरा सुमिरन करेंगे हम

ओ कान्हा आ जाओ दरश तेरा करेंगे हम

जय श्री कृष्णा

राधे राधे जी

नेम चन्द प्रजापति जी( दिवना) 6397647998

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।