काली मैया मेरे घर में इक बारी तू आजा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

काली मैया मेरे घर में इक बारी तू आजा

मै हूं भक्त तेरा भोला भाला मईया दर्श दिखाजा

हो तेरे दर्शन की आस लाग री ,मईया जोत जगा राखी

पान सुपारी धजा नारियल ,भेट तेरी मंगवा राखी

जल्दी आजा, मैया मेरी सपने सच तू बना जा

मै हूं भक्त तेरा भोला भाला मईया दर्श दिखाजा....

काली मैया मेरे घर में इक बारी तू आजा

मै हूं भक्त तेरा भोला भाला मईया दर्श दिखाजा

हो काली चुनरिया मैया तेरी, कलकत्ते ते मगवाई री

कलकत्ते वाली काली मैया, ईब तलक क्यों ना आई री

लाज रखले ,अपने भक्त की बिगड़ी मेरी बना जा

मै हूं भक्त तेरा भोला भाला मईया दर्श दिखाजा....

काली मैया मेरे घर में इक बारी तू आजा

मै हूं भक्त तेरा भोला भाला मईया दर्श दिखाजा

हो तेरे चरणों में बंटी सैनी, यो एक अर्ज़ लगावे से

तू सबके संकट काटे, मैया सबके काम बनावे से

सुनले मेरी ,काली मैया तू सबके काम बना जा

मै हूं भक्त तेरा भोला भाला मईया दर्श दिखाजा....

काली मैया मेरे घर में इक बारी तू आजा

मै हूं भक्त तेरा भोला भाला मईया दर्श दिखाजा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।