नज़रें चुरा के बैठे सरकार क्यों बताओ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नज़रें चुरा के बैठे सरकार क्यों बताओ

कबसे खड़े हैं दर पे पलकें ज़रा उठाओ

रुस्वाई आपकी ये हमसे सही ना जाये

गुज़री है दिल पे जो भी तुमसे कही ना जाए

खामोश ये जुबां भी अब तो रही ना जाए

हमसे हुई खता क्या इतना ज़रा बताओ

नज़रें चुराके बैठे ..........

बेचैन कर रही है खामोशियाँ ये तेरी

नादाँ हूँ माफ़ कर दे बदमाशियां तू मेरी

हमपे भी तो चढ़ा दे मदहोशियाँ वो तेरी

चरणों का अब दीवाना हमको ज़रा बनाओ

नज़रें चुराके बैठे ..........

माना खता हुई है तू माफ़ श्याम करना

पागल समझ के मुझको दिल साफ़ श्याम करना

छोटा मैं तुम बड़े हो इन्साफ श्याम करना

ड्योढ़ी पे हर्ष आया अपने गले लगाओ

नज़रें चुराके बैठे ..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।