सुन ले ओ भोले विनती हमारी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सुन ले ओ भोले विनती हमारी भकत पुकारे आज,

कैलाश पर्वत में धुनि रमाये बैठे है भोले नाथ.

कैलाश पर्वत में रहने वाला रूप तुम्हारा जग में निराला,

सारा जगत भोले का दीवाना,भोले है सबसे महान,

कैलाश पर्वत में धुनि रमाये बैठे है भोले नाथ.

बम बम भोले ओखडदानी जटो में गंगा मैया समानी,

गांजा भांग की चिलम चढ़ाये खाये है भोले भांग,

कैलाश पर्वत में धुनि रमाये बैठे है भोले नाथ.

हे भोले दानी तू अंतर यामी,

महिमा तुम्हारी जग में निराली,

करदो दया करीना पे भोले तेरा गाउ सदा गुणगान,

कैलाश पर्वत में धुनि रमाये बैठे है भोले नाथ.

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।