दीनाबंधु दीनाबंधु तूने नाम धराया कैसे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दीनाबंधु दीनाबंधु तूने नाम धराया कैसे

मैं भी दासी हु तूने मुझको भुलाया कैसे

कंस ने जुलम किया देवकी को कैद किया

जागे हुए पहरेदारो को तूने पल में सुलाया कैसे

दीनाबंधु........

रावण ने जुलम किया सीता का हरण किया

छोटे से हनुमत ने देखो पता लगाया कैसे

दीनाबंधु........

कोरवो ने जुलम किया द्रौपती का चीर हरा

पांच गज की साडी को तूने इतना बढ़ाया कैसे

दीनाबंधु........

राणा ने जुलम किया मीरा को जहर दिया

जहर के प्याले को तूने अमृत बनाया कैसे

दीनाबंधु.......

धने ने नाम लिया प्रभु तूने दर्श दिया

साग मक्की रोटी का तूने भोग लगाया कैसे

दीनाबंधु.......

भगतो ने नाम लिया प्रभु तूने दर्श दिया

अपने भगतो पर तूने करम कमाया कैसे

दीनाबंधु.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।