मैया ओ मैया तेरी चूनड़

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मईया ओ मईया,

तेरी चुनड़ में सजाऊंगी चुनड़ तारो जड़ी होगी,

मोतियन की लटकन होगी

लाल लाल चुनड़ मेरी, मईया को उढाऊंगी

मईया ओ मईया तेरा भोग में बनाऊंगी

होगा हलवा पूडी चना, मेवा और पान बिड़ा रूच रूच के भोग,

मेरी मैया को लगाऊंगी

मईया ओ मईया तेरा श्रृंगार सजाऊंगी करूं सोलह श्रृंगार गले फूल की माल

हंस हंस के मईया का ,रूप संवारुगी

मईया ओ मईया तेरी, रात जगाऊंगी

तेरी चौकी में सजाऊ ,भक्तों को बुलाऊं

गा गा कर ,रश्मि भजन सुनायेगी

मईया ओ मईया तेरा, मंदिर सजाऊंगी चढ़ाऊं छत्तर त्रिशूल,

जलाऊं धूप और दीप चढ़ चढ़ ऊंची मईया ,ध्वजा में पहराऊंगी,

मईया ओ मईया, तेरी चुनड़ में सजाऊंगी

डॉ. रश्मि सोनी

मुंबई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।