प्रीति लगी तुम नाम की

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

प्रीति लगी तुम नाम की ,

पल बिसरैं नाहीं

नजर करो अब मेहर की,

मोहि मिलौ गुसाईं

बिरह सतावै हाय अब,

जिव तड़पै मेरा

तुम देखन को चाव है

प्रभु मिलौ सबेरा

नैना तरसैं दरस को,

पल पलक न लागै

दरदबंद दीदार का,

निसि बासर जागै

जो अबके प्रीतम मिलै ,

करूँ निमिष न न्यारा

अब कबीर गुरु पाँइया,

मिला प्रान प्यारा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।