॥ पावन पाठ ॥
यह मेरी अर्ज़ी है वैसी बन जाओ जैसी तेरी मर्ज़ी है,
लफ्जो का टोटा है,
जीकर प्यारे का अश्को से होता है,
छम छम बारिश है,
माही घर आजा हर बून्द सिफारिश है,
वो इतना प्यारा है,
चाँद कहे उस से तू चाँद हमारा है,