मुरली पुकारे गोपी गोपी नाम सुना तान रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुरली बजाई श्याम पूर्णिमा की रात में,

मुरली पुकारे गोपी गोपी नाम सुना तान रे,

कोई गोपी काम कर्त शृंगार रे,

भोजन बनावे कोई पिलावे वर्तार रे,

गाये धोते धोते गोपी बुल गई काम रे,

मुरली पुकारे गोपी गोपी नाम सुना तान रे,

छोड़ घर छोड़ काम छोड़ पति प्यार रे,

मुरली पुकारे देखो तेरा मेरा नाम रे,

समज न पाया कोई गोपी कृष्ण प्यार रे,

मुरली पुकारे गोपी गोपी नाम सुना तान रे,

दौड़ी दौड़ी आई गोपी लोक लाज त्याग रे,

मधुवन में देख मोहन जागे अपने भाग रे ,

करके स्वागत मोहन पूछी ऐसी बात रे,

मुरली पुकारे गोपी गोपी नाम सुना तान रे,

आई गोपी मधुवन में तू ऐसा क्या काम रे,

माता पिता पति त्यागे ऐसी क्या बात रे,

बोले गोपी नन्द तनुज से जानू मन की बात रे,

मुरली पुकारे गोपी गोपी नाम सुना तान रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।