अब के वर्ष बाबा बर्फानी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

अब के वर्ष बाबा बर्फानी अमर नाथ बुलवाना,

बाबा तेरी पावन गुफा का मुझको दर्शन पाना,

अब के वर्ष बाबा बर्फानी अमर नाथ बुलवाना,

बीते कितने वर्ष जीवन के कितना जीवन बाकी है,

मैं क्या जानू तू सब जाने कितनी सांसे बाकी है,

जितने मेरे सांस बचे है अपना नाम जपाना,

बाबा तेरी पावन गुफा का मुझको दर्शन पाना,

अब के वर्ष बाबा बर्फानी अमर नाथ बुलवाना,

जन्म मरण का बंधन कट ता अमर नाथ में आने से,

कष्ट कलेश सुना है कटता गुफा के दर्शन पाने से,

मैं भटका हु दर दर भोले रस्ता मुझे दिखाना,

बाबा तेरी पावन गुफा का मुझको दर्शन पाना,

अब के वर्ष बाबा बर्फानी अमर नाथ बुलवाना,

इक दर्शन की आस है भोले अमरनाथ मैं आया हु,

मुझे से भली चरण रज तेरी उस माटी में मिल जाय हु,

मैं कमला हु भोले मेरा मुझे छोड़ न जाना,

बाबा तेरी पावन गुफा का मुझको दर्शन पाना,

अब के वर्ष बाबा बर्फानी अमर नाथ बुलवाना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।