भोले तेरी शिवरात्रि

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सारे मंदिर च बज्दे ढोल भोले तेरी शिवरात्रि,

बम भोले दे जैकारे रहे बोल बोले तेरी शिवरात्रि,

सारे मंदिर ते बज्दे ढोल भोले तेरी शिवरात्रि ,

हर पास भोले तेरी रोनका है लगियाँ,

शोभा यात्रा च तेरी पालकिया साजिया,

दिंदे भंग दे प्याले रहे खोल,

भोले तेरी शिवरात्रि,

सारे मंदिर ते बज्दे ढोल भोले तेरी शिवरात्रि ,

तेरे दरबार भोले लंगर ने चलदे खुशिया दे नाल सारे झोलिया भरदे,

चढ़ी भगता नु नाम वाली लोर,भोले तेरी शिवरात्रि,

सारे मंदिर ते बज्दे ढोल भोले तेरी शिवरात्रि ,

पंकज टिंका भी हर साल आऊंगा,

भोले तेरे चरना च हाजरियां लाऊंगा,

भेटा गौंडा है तेरिया अनमोल आई तेरी शिवरात्रि,

सारे मंदिर ते बज्दे ढोल भोले तेरी शिवरात्रि

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।