जगजननी के दर्शन

पारंपरिक
श्री राम भजन दुर्गा भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जगजननी के दर्शन अर्चन से तन मन धन पावन करना है,

जगजनी की संतान सभी क्या होगा न इसका ज्ञान कभी ,

इंसान सभी भाई भाई इस धर्म को धारण करना है,

जगजननी के दर्शन.....

धन धानये भरे हो ग्राम नगर,

सुख के दिन रजनी जगर मगर,

आनंदित करना है हर घर,

गीतत हर आँगन करना है,

जगजननी के दर्शन

जो जाहा रहे वो रहे सुखी,

सूरज नर नारी चन्दर मुखी,

धरती ही नहीं गगन आंगन को तुलसी वृन्दावन करना है,

जगजननी के दर्शन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।