तेरे चरणों में चारो धाम है

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मेरे बजरंग बाला फेरु नित तेरी माला,

मेरे लब पे सदा तुम्हारा नाम है,

तेरे चरणों में मेरे चारो धाम है,

हो माँ अंजनी की अखियो के तारे,

हम तो जग में है तेरे सहारे,

दूर हम से न जाना प्रति हम से निभाना,

तेरी भगती में खोये सुबह शाम है,

तेरे चरणों में मेरे चारो धाम है,

हो सालासर में विराजे हो नाथ तुम,

थाम लेते हो दुखियो का हाथ तुम,

हम पे करुना लुटादो आके दुखड़े मिटा दो,

तेरी भगती में सुख आराम है,

तेरे चरणों में मेरे चारो धाम है,

जब से थामा है दामन तुम्हारा सारी दुनिया को हमने विसारा,

दूर हम से ना जाना प्यार हम पे लुटाना,

केवल चरनो में तेरे परनाम है,

तेरे चरणों में मेरे चारो धाम है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।